बांग्लादेश ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नासा के आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) पर हस्ताक्षर किए और इस अंतरराष्ट्रीय पहल में शामिल होने वाला 54वां देश बन गया। यह कार्यक्रम ढाका में आयोजित “बांग्लादेश इन्वेस्टमेंट समिट 2025” के दौरान संपन्न हुआ, जहां बांग्लादेश की ओर से रक्षा मंत्रालय के सचिव मोहम्मद अशरफ उद्दीन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर अमेरिका की चार्ज डी’अफेयर ट्रेसी जैकबसन और नासा की एक्टिंग एडमिनिस्ट्रेटर जैनेट पेट्रो (वीडियो संदेश के माध्यम से) भी शामिल रहीं।
यह समझौता बांग्लादेश को चंद्रमा की शांतिपूर्ण और स्थायी खोज के लिए वैश्विक गठबंधन का हिस्सा बनाता है। हस्ताक्षर समारोह वाशिंगटन, डी.सी. में आयोजित किया गया, जिससे बांग्लादेश आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों में अपनी भूमिका सुनिश्चित करता है।
क्या है आर्टेमिस समझौता ( (Artemis Accords)?
नासा द्वारा वर्ष 2020 में स्थापित, आर्टेमिस समझौता (Artemis Accords) एक गैर-बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जो चंद्रमा, मंगल और अन्य अंतरिक्ष पिंडों के शांतिपूर्ण और जिम्मेदार अन्वेषण के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करता है। यह समझौता 1967 की आउटर स्पेस ट्रीटी पर आधारित है और इसमें पारदर्शिता, सहयोग, स्थिरता और अंतरिक्ष संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग जैसे सिद्धांतों को प्राथमिकता दी गई है। नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम (जिसका लक्ष्य 2026 तक मनुष्यों को चंद्रमा पर वापस ले जाना है) के नाम पर रखे गए इस समझौते में शामिल प्रमुख सिद्धांत हैं:
- शांतिपूर्ण अन्वेषण – अंतरिक्ष गतिविधियों में संघर्ष से बचना।
- पारदर्शिता – वैज्ञानिक डेटा और मिशन योजनाओं को साझा करना।
- अंतरसंचालनीयता – अंतरिक्ष प्रणालियों को एक-दूसरे के साथ काम करने योग्य बनाना।
- स्थायी अंतरिक्ष प्रथाएँ – अंतरिक्ष मलबे और हानिकारक हस्तक्षेप से बचना।

बांग्लादेश का आर्टेमिस समझौते में प्रवेश
बांग्लादेश का आर्टेमिस एकॉर्ड (Artemis Accords) में शामिल होना, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और शोध के प्रति देश की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। देश ने 2018 में बंगबंधु सैटेलाइट–1 लॉन्च करके अंतरिक्ष अन्वेषण में पहले ही कदम बढ़ाए हैं। इस समझौते में शामिल होकर बांग्लादेश को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
- चंद्र मिशनों में सहयोग
- उन्नत अंतरिक्ष शोध के अवसर
- प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ प्रौद्योगिकी आदान–प्रदान
हस्ताक्षर समारोह में नासा और बांग्लादेश सरकार के उच्चपदस्थ अधिकारियों ने भाग लिया, जो देश की वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण में भागीदारी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बांग्लादेश के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
- तकनीकी उन्नति – आर्टेमिस प्रोग्राम में भागीदारी से बांग्लादेश की उपग्रह प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष शोध क्षमताएँ बढ़ेंगी।
- वैश्विक सहयोग – अब बांग्लादेश नासा, ESA (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी), और JAXA (जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी) जैसी संस्थाओं के साथ साझेदारी कर सकेगा।
- आर्थिक अवसर – अंतरिक्ष क्षेत्र में विदेशी निवेश आकर्षित होगा और हाई-टेक रोजगार सृजित होंगे।
इस समझौते के साथ, बांग्लादेश चंद्र मिशन, मंगल अन्वेषण और गहन अंतरिक्ष शोध में भूमिका निभाने के लिए तैयार है। देश स्थायी अंतरिक्ष खनन और उपग्रह–आधारित जलवायु निगरानी में भी योगदान दे सकता है।
वैश्विक महत्व और भविष्य की संभावनाएँ
इस समझौते में शामिल होकर बांग्लादेश ने अंतरिक्ष अन्वेषण में वैश्विक सहयोग की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यह न केवल बांग्लादेश की वैज्ञानिक और तकनीकी पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करता है, बल्कि देश को अन्य सदस्य देशों के साथ संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी साझेदारी और अंतरिक्ष अभियानों में भागीदारी का अवसर भी प्रदान करता है। यह कदम बांग्लादेश को वैश्विक अंतरिक्ष गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ाता है।
